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प्राथमिक बॉर्डर विंग में शामिल हों हिमाचल के होमगार्ड जवान : चौहडिय़ा

कहा केंद्र के आदेशों को हो पालन, शुरू हो स्थाई नीति की प्रक्रिया

ऑल इंडिया होमगार्ड वेलफेयर ऐसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं जिला अध्यक्ष (चंबा) के अध्यक्ष जोगिंद्र सिंह चौहडिय़ा हिमाचल सरकार से मांग की है कि हिमाचल के होमगार्ड जवानों को बॉर्डर विंग में शामिल करते हुए उनके लिए तथा स्थाई नीति बनाई जाए। यहां जारी प्रेस ब्यान में चौहडिय़ा ने कहा कि हिमाचल के होमगार्ड जवानों को भी अन्य राज्यों की भांति बॉर्डर विंग में शामिल किया जाए ताकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल एवं पारदर्शी नेतृत्व में जवान भी स्वयं के भविष्य को उज्ज्वल एवं सुरक्षित समझें। चौहडिय़ा ने कहा कि साथ लगते राज्यों में बॉर्डर होमगार्ड की टुकडियां राज्यों की सुरक्षा पंक्ति में तैनात हैं परंतु हिमाचल के होमगार्ड सीमा संबंधी तमाम प्रशिक्षणों के बावजूद भी बॉर्डर  विंग में शामिल नहीं किए गए हैं जिससे जवानों में सरकार के प्रति निराशा है। अगर हमें सीमा सुरक्षा में शामिल किए जाए तो न केवल जवानों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी देश और मजबूत होगा। हालांकि हिमाचल प्रदेश समय-समय पर केंद्र से आईटीबीपी तथा सीआईएसएफ की मांग करती रही है जबकि हिमाचल का होमगार्ड जवान राज्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से सक्षम है। चौहडिय़ा ने कहा कि होमगार्ड संगठन के लिए आज तक न तो राज्य और न ही केंद्र सरकार स्थाई नीति नहीं बना पाई।

बहरहाल स्वयंसेवा पांच साल से ज्यादा नहीं हो सकती। महोदय 58 वर्ष की आयु तक जहां भी सरकार को हमारी जरूरत पड़ी हमने हर विषम परिस्थिति में भी सेवाएं अर्पित की मगर सेवानिवृति के बाद होमगार्ड जवानों को सरकार खाली हाथ घर भेज देती है। न जाने पैंशन और ग्रेच्युटी पर सरकारों ने आज तक क्यों चुपी साधी हुई है। हालांकि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक सी.एन.डी. ग्रुप 17-1-1984 एवं ईपीएफ फंड 1917 एवं 4 अप्रैल 1981 के आदेश होमगार्ड जवानों के लिए भी स्थाई नीति का प्रावधान है मगर न जाने क्यों होमगार्ड जवानों के लिए इन  दिशा निर्देशों का क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। वहीं अन्य राज्य ब्रटिश नियमों को बदलने की प्रक्रिया शुरू चुके हैं मगर हिमाचल प्रदेश में होमगार्ड जवानों का जिक्र तक नहीं हो रहा है।  अत: महोदय से विनम्र आग्रह है कि जवानों के लिए स्थाई नीति बनाकर तथा बॉर्डर विंग में सेवा का अवसर प्रदान करें।

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Written by Neeraj Sharma

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