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जयराम सरकार कर रही एनजीटी के आदेशों की अनदेखी : अभिषेक

राज्य कांग्रेस के सचिव एवं युवा नेता अभिषेक राणा ने जयराम सरकार पर ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों की अनदेखी का आरोप लगाया है। राणा बोले कि हिमाचल ऐसा पहला राज्य है, जहां नेशनल ग्रीन ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ा कर सरकार खनन माफिया के आगे नतमस्तक है। अभिषेक बोले कि सत्ता व सिस्टम की कथित सांठ-गांठ से खनन माफिया इतना पवार फुल हो चुका है, कि अब सत्ता को अपने मनमाफिक निर्देशित कर के सत्ता पर अपनी हकूमत कायम कर चुका है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सत्ता व सिस्टम की भागीदारी व सांझेदारी में न केवल नदी, नालों व खड्डों को दिन-रात लीला जा रहा है बल्कि कई पहाड़ो का बजूद ही इस बेख़ौफ़ अवैध खनन ने खत्म कर डाला है। राणा ने कहा कि जिस हिमाचल के 66 फीसदी भू-भाग पर अभी चन्द बरस पहले लहलहाते कुदरती जंगल थे। लगातार अवैध खनन के चलते अब उस हिमाचल में सरकार की रिपोर्ट के मुताविक 24 फीसदी भू-भाग पर ही जंगल बचा है और गैर सरकारी आंकड़ों पर भरोसा करें तो हकीकत उल्टी है प्रदेश की भूमि से जंगल अवैध खनन के कारण तेजी से लुप्त होता जा रहा है। प्रदेश की खड्डों नालों में सत्ता व सिस्टम के संरक्षण में चल रहे 90 फ़ीसदी क्रेशर नियमों के विपरीत स्थापित किये गए है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के बाबजूद अधिकांश क्रेशर लगातार चले हुए हैं। अवैध लीजों की भरमार है। नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने उन तमाम स्टोन क्रेशरों को तुरंत बंद करने के निर्देश दिए थे जो क्रेशर नियमों के विपरीत रीवर बैड के 100 मीटर के दायरे में आते थे लेकिन सत्ता के सरक्षंण में ट्रिब्यूनल के आदेशों को धत्ता बताते हुये ऐसे क्रेशर अभी भी बेख़ौफ़ चले हुए हैं, लेकिन सरकार ऐसे क्रेशरों पर कार्यवाही करने की बजाय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की आखों में धूल-झोंक कर अवैध खनन को बढ़ावा दे रहे हैं जिस से जल जंगल व ज़मीन के साथ पर्यावरण के तबाह होने का खतरा हिमाचल पर लगातार मंडरा रहा है।

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Written by Kanchan Sharma

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हालाते कशमीर पर सच कीजिए बयां, तुम्हारे अपनों के खातिर ही हमारे अपनों ने दी है जां।।

Devbhumi Mirror Radio News 30072019