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डर इस बात का नहीं के हम आ कर वहां रहें, डर तो इस बात का भी है कि कब्ज़ा छोडऩा पड़ेगा उन्हें

धारा 370 हटने के बाद जो हलचल हुई उससे पाकिस्तान को इसलिए दिक्कत हुई है, क्योंकि आने वाले समय में उसे पी.ओ.के. पर कब्ज़ा छोडऩा पड़ेगा

जी हां ये वो सच है जिस पर किसी ने ध्यान दिया ही नहीं, लेकिन इसी सच की वज़ह से कुछ कश्मीरियों और पाकिस्तानी लोगों की नींद उड़ी हुई है। धारा 370 हटने के बाद जो हलचल हुई उससे पाकिस्तान को इसलिए दिक्कत हुई है, क्योंकि आने वाले समय में उसे पी.ओ.के. पर कब्ज़ा छोडऩा पड़ेगा। लेकिन साथ ही साथ कशमीर के उन लोगों को भी जमीनों के कब्ज़े छोडऩे पड़ेंगे जिन्होनें कश्मीर घाटी से विस्थापित लोगों की जमीन पर पिछले 27-28 सालों से कब्ज़ा कर रखा था। आपको याद दिला दूं कशमीरी पंडितों की जमीनें, दुकानें, बाग-बगीचों, मकानों और कोठियों पर कश्मीर से पंडितों को भगाने के बाद कब्ज़ा कर लिया गया था, क्योंकि कश्मीर में राजनीतिक शरण के चलते कुछ मुस्लिम कश्मीरी लोगों ने लगभग 35 लाख कश्मीरी पंडितों को कश्मीर से डरा-धमका कर भगा दिया था। इसके बाद अपनी जान की और परिवार तथा महिलाओं की सलामती के कारण सभी कश्मीरी पंडितों ने 1989-90 के बीच कश्मीर से रातों-रात पलायन कर लिया था, अपनी करोड़ों की जगह जमीन छोड़ कर। जिस पर आज कुछ कश्मीर में रहने वाले लोगों का कब्ज़ा है और अब उन्हें ये डर भी सता रहा है कि, जिस जमीन पर उन्होंने अवैध कब्ज़े कर रखे हैं, वो उन्हें छोडऩे पडेंगे। धारा 370 के हटने से पूरे देश को खुशी है और मुझे भी, पर इसका सबसे पहला और बड़ा कदम ये होना चाहिए कि ”पुनून कशमीरÓÓ संगठन और कश्मीरी पंडितों को वापिस कश्मीर में बसाया जाये। क्योंकि मेरा और आपका हक जैसे अपने-अपने प्रदेश पर है और अपनी जमीन पर है, उसी तरह कश्मीर पर पहला हक वहां के मूल निवासियों (कश्मीरी पंडितों) का है जोकि विस्थापित हैं। भारत सरकार को चाहिए के सबसे पहले राजस्व के रिकार्ड को निकाल कर प्रत्येक कश्मीरी पंडितों के परिवार को उनकी मिलकियत भूमि वापिस दिलाए। आज सावन का बुधवार है और कहते हैं ‘बुद्ध-शुद्धÓ तो वो लोग अपनी बुद्धि भोलेनाथ के मंदिर में माथा टेक कर शुद्ध करें, जो कश्मीर में प्लाट खरीदने की बात कह रहे हैं, सालों खुद कभी लोन पर एक कमरे का फ्लैट ना खरीद सके और बात कर रहे हैं कश्मीर में प्लाट खरीदने की?  और जो लोग कश्मीर में ससुराल की बात कर रहे हैं, वो ध्यान दें के तुम ही वहां के जवांई नही हो सकते, बल्कि वहां से भी कोई तुम्हारा जीजा हो सकता है? इसलिए कश्मीर पर अनर्गल बयानबाज़ी ना करें महिलाओं का सम्मान करें (धर्म कोई भी हो राज्य कोई भी हो और देश कोई भी हो

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Written by Devbhumi Mirror

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मैं भेजती हूं लानत उन ख़ामोशियों पर कल कहीं उनका भी हश्र मुझ सा ना हो, मैं जिंदा रह कर भी लड़ी और आज भी लड़ रही हूं, तुम कल भी मुर्दा थे और आज भी मुर्दा हो -उन्नाव पीडि़ता